जो जाता है वो आता नहीं
उस पार न जाने क्या है
जिसका था संसार यहां पर
वो याद उसे आता नहीं
उस पार न जाने क्या है
सागर सा संदेश मेरा
क्या कोई उसे पहुंचाता नहीं
उस पार न जाने क्या है
सांझ हुई अब बैठ किनारे.....
कोई अपना नहीं लौटा है
उसपर न जाने क्या है
उस पार न जाने क्या है
जिसका था संसार यहां पर
वो याद उसे आता नहीं
उस पार न जाने क्या है
सागर सा संदेश मेरा
क्या कोई उसे पहुंचाता नहीं
उस पार न जाने क्या है
सांझ हुई अब बैठ किनारे.....
कोई अपना नहीं लौटा है
उसपर न जाने क्या है
No comments:
Post a Comment