अधूरे से पूरे....
रवि की कलम से
Tuesday, December 3, 2019
खारा
जो ओझल हुई है अभी-अभी
तैरती हुई एक कहानी है
भरा तो है पर खारा भी है
न जाने कितनी आंखों का पानी है
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