Tuesday, December 3, 2019

सबसे घृणित

सबसे घृणित वही है
जो न्याय नहीं है पर
न्याय सा है

सबसे  डरावना वही है
जो जानवर नहीं है पर
जानवर सा है

सबसे बड़ा भय वही है
जो मृत्यु नहीं है पर
मृत्यु सा है

सबसे अंधा वही है
जो देखता है मगर
दृष्टि नहीं है

सबसे कठोर वही है
जो कोमल है पर
भाव नहीं है

सबसे पीछे वही है
जो दौड़ता है मगर
दौड़ में नहीं है

सबसे पीड़ित वही है
जिसे पीड़ा है मगर
कहता नहीं है

सबसे निर्बल वही है
सबसे लड़ता है मगर
खुद से लड़ता नहीं है।

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