सबसे घृणित वही है
जो न्याय नहीं है पर
न्याय सा है
सबसे डरावना वही है
जो जानवर नहीं है पर
जानवर सा है
सबसे बड़ा भय वही है
जो मृत्यु नहीं है पर
मृत्यु सा है
सबसे अंधा वही है
जो देखता है मगर
दृष्टि नहीं है
सबसे कठोर वही है
जो कोमल है पर
भाव नहीं है
सबसे पीछे वही है
जो दौड़ता है मगर
दौड़ में नहीं है
सबसे पीड़ित वही है
जिसे पीड़ा है मगर
कहता नहीं है
सबसे निर्बल वही है
सबसे लड़ता है मगर
खुद से लड़ता नहीं है।
जो न्याय नहीं है पर
न्याय सा है
सबसे डरावना वही है
जो जानवर नहीं है पर
जानवर सा है
सबसे बड़ा भय वही है
जो मृत्यु नहीं है पर
मृत्यु सा है
सबसे अंधा वही है
जो देखता है मगर
दृष्टि नहीं है
सबसे कठोर वही है
जो कोमल है पर
भाव नहीं है
सबसे पीछे वही है
जो दौड़ता है मगर
दौड़ में नहीं है
सबसे पीड़ित वही है
जिसे पीड़ा है मगर
कहता नहीं है
सबसे निर्बल वही है
सबसे लड़ता है मगर
खुद से लड़ता नहीं है।
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