एक और सपना देख लूं
रात की इस चादर से
गुजरता एक चांद रोक लूँ
बादलों का हाल कैसा है देस में
यहां कैसे आए तुम परदेस में
क्या अब भी छतों पर तारे उतरते हैं
क्या झींगुर अब भी वैसा शोर करते हैं
रोका था अबतक वो सवाल पूछ लूं
बैठो न तुम्हारा हाल पूछ लूं
रोक लेता जो रोक पाता
चल देता जो मैं चल पाता
आता जाता बहुत हूँ मैं
पहुंचता नहीं मगर कहीं
मैं अपने मकान से निकल लूं
कहो तो आज अपने घर चल लूं
क्या छोड़ दूं क्या समेट लूं
मन से किन यादों को लपेट लूं
तुम चलो मैं आता हूँ फिर
मैं बाकी के कुछ काम कर लूँ
कल जिंदा रहने को आज मर लूँ
तुम चमकते रहना मेरी छत पर
नजर नहीं आते, नजर में हो मगर
कभी लौटा तो मिलेंगे हम
करेंगे बीच की छूटी हुई बातें
अभी इंतजार है, मैं इंतजार कर लूँ
मैं अपने सपने को और प्यार कर लूँ
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रात की इस चादर से
गुजरता एक चांद रोक लूँ
बादलों का हाल कैसा है देस में
यहां कैसे आए तुम परदेस में
क्या अब भी छतों पर तारे उतरते हैं
क्या झींगुर अब भी वैसा शोर करते हैं
रोका था अबतक वो सवाल पूछ लूं
बैठो न तुम्हारा हाल पूछ लूं
रोक लेता जो रोक पाता
चल देता जो मैं चल पाता
आता जाता बहुत हूँ मैं
पहुंचता नहीं मगर कहीं
मैं अपने मकान से निकल लूं
कहो तो आज अपने घर चल लूं
क्या छोड़ दूं क्या समेट लूं
मन से किन यादों को लपेट लूं
तुम चलो मैं आता हूँ फिर
मैं बाकी के कुछ काम कर लूँ
कल जिंदा रहने को आज मर लूँ
तुम चमकते रहना मेरी छत पर
नजर नहीं आते, नजर में हो मगर
कभी लौटा तो मिलेंगे हम
करेंगे बीच की छूटी हुई बातें
अभी इंतजार है, मैं इंतजार कर लूँ
मैं अपने सपने को और प्यार कर लूँ
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