Sunday, November 30, 2014

भोर भईल


भोर भईल अब जाग साथी
रात अन्हरिया भागल साथी

पहिला किरण से जग उजियारा
दूर कहीं छुप गएल अंधियारा
घोर निरासा भागल साथी
आस के लाली छा गएल साथी

भोर भईल अब....

लेके के हरि के नाम तू जाग
जीवन के ताल पर तू हो भाग
एगो नया दिन आ गएल साथी
जीवन दर्शन बुझा गएल साथी

भोर भईल अब....

रात के बाद उजाला ही होला
जग के गति कभो कहंवा रुकेला
कर्म में अपना लाग हो साथी
इहे धरम बा जान हो साथी

भोर भईल अब....

सुख जइसे अंतिम सच ना ह
दुख भी ओइसे ही अमर कहां ह
चक्र चलेला हर दम हो साथी
करत जा आपन करम हो साथी

भोर भईल अब....













Friday, November 28, 2014

भोजपुरी का ह...




भोजपुरी का  ह
परदेस में मजदूर के मन के आसा ह
जौन कान में घुलजाए उ बतासा ह
इ बस बोली ना आपन मन के भासा ह

भोजपुरी का ह
उमंग, उत्साह , जीवन के संचार ह
दिल के गंगा जुबान से बहे उ प्यार ह
आचार ह , विचार ह ,व्यवहार है, आपन संसार ह

भोजपुरी का ह
लड़काई में दुलार के नाम ह
ए संसार में आपन पहचान ह
आन ह, बान ह , सान ह

भोजपुरी का ह
आपन जड़ ह, जवार ह
एगो बंधन हमार तहार ह
पोखर,घाट, बगईचा, अंगना दुआर ह

भोजपुरी का ह
छठ ,दिवाली, ईद, मुहर्रम ह
हर बिदेसिया के मन के मरहम ह
दया, प्रेम ,भाईचारा मेहनत ,परिश्रम ह

भोजपुरी का ह
सरसों, मकई, मसूरिया ,धान ह
खेत में पसीना बहावे उ किसान ह
सबके पेट भरे ओकरा के एगो प्रणाम ह

भोजपुरी का ह
सतुआ-सतुई, अचार , खटमिट्ठी ह
दही ह , चिउड़ा ह , चोखा लिट्टी ह
हर निवाला में प्रेम बा उहे मिट्टी ह

भोजपुरी का ह
माई-बाबू जी के दुलार ह
जीवन में सुख के बयार ह
हमार अस्तित्व ह, हमार आधार ह

-    रवि मिश्रा (29.11.2014)