मैं बोलूंगा,
मैं लिखूंगा,
और खुलकर
और निडर
तुम डरना मत
क्योंकि मैं तुम्हारे
बोलने के
लिखने के
हक के साथ हूं
तबतक
जबतक
इसमें तुम्हारा भी
बराबरी का यकीन है
ये सबकी आज़ादी है
ये सबकी ज़मीन है
मैं लिखूंगा,
और खुलकर
और निडर
तुम डरना मत
क्योंकि मैं तुम्हारे
बोलने के
लिखने के
हक के साथ हूं
तबतक
जबतक
इसमें तुम्हारा भी
बराबरी का यकीन है
ये सबकी आज़ादी है
ये सबकी ज़मीन है