उन्होने कहा था...
तुम चलना, चलते जाना
सच के पथ पर
समय के पहियों वाले रथ पर
जो जाएगा गन्तव्य तक
कांटों की राह भी होगी
पीछे हटने की चाह भी होगी
होगा मन झूठे सुलभ सफ़र का
असफलता के डर का
लेकिन उन्होंने कहा था
तुम चलना,चलते जाना
तो मैं चला हूं जब
अब दुनियादारी का ज्ञान क्यूं
जिसे कहा था असत्य
उसी की जीत का बखान क्यूं
जो त्रिकाल विजय का मंत्र था
उससे वही हैं अंजान क्यूं
जिन्होंने कहा था
तुम चलना,चलते जाना
लाओ मेरे सामने उन सबको
गुरूओं को,साधु-संतों को
माता-पिता को या
धर्मशास्त्रों के पन्नों में
रहने वाले विधाता को
ये मानसिक दंड
मन का द्वंद्व
इसलिए है कि
उन्होंने कहा था
तुम चलना ,चलते जाना
मिटा दो उस ज्ञान को
जो युवा बनने तक व्यर्थ हो जाता है
जिसे हमें हमारा आधार बताया
रणभूमि में असमर्थ हो जाता है
आज हम अपराधी बने बैठे हैं
जीवन का कैदी बने बैठे है
क्योंकि हम उस राह पर चलते गए
जो उन्होने कहा था
तुम चलना, चलते जाना
रवि मिश्रा
तुम चलना, चलते जाना
सच के पथ पर
समय के पहियों वाले रथ पर
जो जाएगा गन्तव्य तक
कांटों की राह भी होगी
पीछे हटने की चाह भी होगी
होगा मन झूठे सुलभ सफ़र का
असफलता के डर का
लेकिन उन्होंने कहा था
तुम चलना,चलते जाना
तो मैं चला हूं जब
अब दुनियादारी का ज्ञान क्यूं
जिसे कहा था असत्य
उसी की जीत का बखान क्यूं
जो त्रिकाल विजय का मंत्र था
उससे वही हैं अंजान क्यूं
जिन्होंने कहा था
तुम चलना,चलते जाना
लाओ मेरे सामने उन सबको
गुरूओं को,साधु-संतों को
माता-पिता को या
धर्मशास्त्रों के पन्नों में
रहने वाले विधाता को
ये मानसिक दंड
मन का द्वंद्व
इसलिए है कि
उन्होंने कहा था
तुम चलना ,चलते जाना
मिटा दो उस ज्ञान को
जो युवा बनने तक व्यर्थ हो जाता है
जिसे हमें हमारा आधार बताया
रणभूमि में असमर्थ हो जाता है
आज हम अपराधी बने बैठे हैं
जीवन का कैदी बने बैठे है
क्योंकि हम उस राह पर चलते गए
जो उन्होने कहा था
तुम चलना, चलते जाना
रवि मिश्रा
